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| Article Name : | | | रीतिकालीन कवि घनानंद की विरह व्यंजना और उनकी काव्य दृष्टि | | Author Name : | | | डॉ. आनंद कुमार मिश्रा | | Publisher : | | | Ashok Yakkaldevi | | Article Series No. : | | | GRT-9187 | | Article URL : | |  | Author Profile View PDF In browser | | Abstract : | | | घनानंद रीतिकालीन रीतिमुक्त काव्य धारा के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं I इन्हें स्वछंदतावादी कवि के रूप में भी जाना जाता है I घनानंद ने लगभग 41 ग्रंथों की रचना की जिसमे अधिकतर मुक्तक की श्रेणी में आती हैं I इनकी कुछ रचनाएं सुजानहित, क्रिपाकंद, वियोगवेलि, इश्कलता, प्रेम सरोवर, प्रेम पद्धति आदि हैं I | | Keywords : | | - कवि घनानंद की विरह व्यंजना,काव्य दृष्टि,
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