ISSN No: 2231-5063
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Article Name :
रीतिकालीन कवि घनानंद की विरह व्यंजना और उनकी काव्य दृष्टि
Author Name :
डॉ. आनंद कुमार मिश्रा
Publisher :
Ashok Yakkaldevi
Article Series No. :
GRT-9187
Article URL :
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Abstract :
घनानंद रीतिकालीन रीतिमुक्त काव्य धारा के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं I इन्हें स्वछंदतावादी कवि के रूप में भी जाना जाता है I घनानंद ने लगभग 41 ग्रंथों की रचना की जिसमे अधिकतर मुक्तक की श्रेणी में आती हैं I इनकी कुछ रचनाएं सुजानहित, क्रिपाकंद, वियोगवेलि, इश्कलता, प्रेम सरोवर, प्रेम पद्धति आदि हैं I
Keywords :
  • कवि घनानंद की विरह व्यंजना,काव्य दृष्टि,
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